Wednesday, June 24, 2026

रफू - तुम्हारी सुलु

 कैसे कैसे धागों से बुनी है ये दुनिया

हाँ कैसे कैसे धागों से बुनी है ये दुनिया
कभी धूप कभी बादलों की ये लड़ियाँ
कुछ तूने सी है, मैंने की है रफू
ये डोरियाँ..
कुछ तूने सी है, मैंने की है रफू 
रफू...
हम करते रहे रफू, धागे उलझते रहे
रफू...
हम करते रहे रफू, धागे उलझते रहे
उलझनों के इस मेले में
किनारों पे हम हँसते रहे
कुछ तुमने सी है, मैंने की है रफू
ये डोरियाँ..
कुछ तुमने सी है, मैंने की है रफू
गाहे बगाहे कुछ ख़्वाब टूटे
गाहे बगाहे कुछ ख़्वाब टूटे
नींदों के धागे हाथों से छूटे
फिर भी सिलते रहे, फिर भी बुनते रहे
उम्मीदों के टाँके हम चुनते रहे
कुछ तुमने सी है, मैंने की है रफू
ये डोरियाँ..

कुछ तुमने सी है, मैंने की है रफू.......

मस्कारा - मैं वापस आऊंगा

 किशमिश, यारा, लाए मस्कारा

अखियां लगाई रखना
किशमिश, यारा, लाए मस्कारा
लगियां निभाई रखना
एह-हे, एह-हे, हम रहेंगे यूं ही
एह-हे, एह-हे, होए बैरिया

कहो जी, मैं क्या करूँ; लाड जो आए?
समझ ना आए, जी, समझ ना आए
कहाँ से हो लाई ऐसी शोख़ अदाएँ?
आँखें लड़ीं तो, धड़के जिया
होठों पे छाई, जैसे हया
बातें छुपाई, तुमने पिया
लगे हैं प्यारे, ये सारे सितम
एह-हे, एह-हे, हम रहेंगे यूं ही
एह-हे, एह-हे, होए बैरिया
किशमिश, यारा, लाए मस्कारा.....

तुम ही हो - आशिकी 2

 हम तेरे बिन अब रह नहीं सकते

तेरे बिना क्या वजूद मेरा
हम तेरे बिन अब रह नहीं सकते
तेरे बिना क्या वजूद मेरा
तुझसे जुदा अगर हो जाएंगे
तो खुद से ही हो जाएंगे जुदा
क्योंकि तुम ही हो, अब तुम ही हो
जिंदगी अब तुम ही हो
चैन भी, मेरा दर्द भी
मेरी आशिकी अब तुम ही हो 
तेरा मेरा रिश्ता है कैसा
इक पल दूर गंवारा नहीं
तेरे लिए हर रोज़ हैं जीते
तुझको दिया मेरा वक्त सभी
कोई लम्हा मेरा ना हो तेरे बिना
हर सांस पे नाम तेरा
क्योंकि तुम ही हो, अब तुम ही हो
जिंदगी अब तुम ही हो
चैन भी, मेरा दर्द भी
मेरी आशिकी अब तुम ही हो 
तुम ही हो... तुम ही हो...
तेरे लिए ही जिया मैं
खुद को जो यूं दे दिया है
तेरी वफा ने मुझको संभाला
सारे गमों को दिल से निकाला
तेरे साथ मेरा है नसीब जुड़ा
तुझसे पाके अधूरा ना रहा
क्योंकि तुम ही हो, अब तुम ही हो
जिंदगी अब तुम ही हो
चैन भी, मेरा दर्द भी
मेरी आशिकी अब तुम ही हो [1]
क्योंकि तुम ही हो, अब तुम ही हो
जिंदगी अब तुम ही हो
चैन भी, मेरा दर्द भी
मेरी आशिकी अब तुम ही हो

कौन तुझे यूँ प्यार करेगा

 तू आता है सीने में,

जब-जब साँसें भरती हूँ
तेरे दिल की गलियों से,
मैं हर रोज़ गुज़रती हूँ
हवा के जैसे चलता है तू,
मैं रेत जैसी उड़ती हूँ
कौन तुझे यूँ प्यार करेगा,
जैसे मैं करती हूँ 
हो... मेरी नज़र का सफ़र
तुझपे ही आके रुके
कहने को बाकी है क्या,
कहना था जो कह चुके
मेरी निगाहें हैं, तेरी निगाहों की
तुझे ख़बर क्या, बे-क़दर?
मैं तुझसे ही छुप-छुप कर,
तेरी आँखें पढ़ती हूँ
कौन तुझे यूँ प्यार करेगा,
जैसे मैं करती हूँ
तू जो मुझे आ मिला,
सपने हुए सिरफिरे
हाथों में आते नहीं,
उड़ते हैं लम्हे मेरे
मेरी हँसी तुझसे, मेरी खुशी तुझसे
तुझे ख़बर क्या, बे-क़दर?
जिस दिन तुझको ना देखूँ,
पागल-पागल फिरती हूँ
कौन तुझे यूँ प्यार करेगा,
जैसे मैं करती हूँ

'तेरा यार हूँ मैं' - अरिजीत सिंह द्वारा गाया गया

 तू जो रूठा तो कौन हँसेगा,

तू जो छूटा तो कौन रहेगा,
तू चुप है तो ये डर लगता है,
अपना मुझको अब कौन कहेगा?
तू ही वजह,
तेरे बिना बेवजह बेकार हूँ मैं...
तेरा यार हूँ मैं,
तेरा यार हूँ मैं...
ओह ओ हो 
आजा लड़ लें फिर खिलौनों के लिए,
तू जीते मैं हार जाऊं,
आजा करें फिर वही शरारतें,
तू भागे मैं मार खाऊं... 
मीठी सी वो गाली तेरी,
सुनने को तैयार हूँ मैं!
तेरा यार हूँ मैं,
तेरा यार हूँ मैं...