Wednesday, June 24, 2026

कौन तुझे यूँ प्यार करेगा

 तू आता है सीने में,

जब-जब साँसें भरती हूँ
तेरे दिल की गलियों से,
मैं हर रोज़ गुज़रती हूँ
हवा के जैसे चलता है तू,
मैं रेत जैसी उड़ती हूँ
कौन तुझे यूँ प्यार करेगा,
जैसे मैं करती हूँ 
हो... मेरी नज़र का सफ़र
तुझपे ही आके रुके
कहने को बाकी है क्या,
कहना था जो कह चुके
मेरी निगाहें हैं, तेरी निगाहों की
तुझे ख़बर क्या, बे-क़दर?
मैं तुझसे ही छुप-छुप कर,
तेरी आँखें पढ़ती हूँ
कौन तुझे यूँ प्यार करेगा,
जैसे मैं करती हूँ
तू जो मुझे आ मिला,
सपने हुए सिरफिरे
हाथों में आते नहीं,
उड़ते हैं लम्हे मेरे
मेरी हँसी तुझसे, मेरी खुशी तुझसे
तुझे ख़बर क्या, बे-क़दर?
जिस दिन तुझको ना देखूँ,
पागल-पागल फिरती हूँ
कौन तुझे यूँ प्यार करेगा,
जैसे मैं करती हूँ

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