ऐसी आँखें नहीं देखी
ऐसी आँखें नहीं देखी
ऐसा काजल नहीं देखा
ऐसा जलवा नहीं देखा
ऐसा चेहरा नहीं देखा
जब यह दामन की हवा दे
आग जंगल में लगा दे
जब यह सहराओं में जाए
रेत में फूल खिलाये
ऐसी दुनिया नहीं देखी
ऐसा मंज़र नही देखी
ऐसा आलम नही देखा
ऐसा दिलबर नहीं देखा
उसके कंगन का खनकना
जैसे बुलबुल का चहकना
उसके पाजेब की छम छम
जैसे बरसात का मौसम
ऐसा सावन नहीं देखा
ऐसी बारिश नहीं देखी
ऐसी रिमझिम नहीं देखी
ऐसी ख्वाहिश नहीं देखी
उसकी बेबाद सी बातें
जैसे सर्दी की हो रातें
उफ़ ये तनहाई ये मस्ती
जैसे तूफ़ान में कश्ती
मीठी कोयल सी है बोली
जैसे गीतों की रंगोली
सुर्ख गालों पे पसीना
जैसे फागुन का महीना
ऐसी आंखें नहीं देखी
ऐसा काजल नहीं देखा
ऐसा जलवा नहीं देखा
ऐसा चेहरा नहीं देखा.........
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Sunday, August 16, 2009
Chithhi Na Koi Sandesh
चिठ॒ठी ना कोई संदेश हो ss
चिठ॒ठी ना कोई संदेश
जाने वो कौन सा देश जहाँ तुम चले गए
चिठ॒ठी ना कोई संदेश
जाने वो कौन सा देश जहाँ तुम चले गए
चिठ॒ठी ना कोई संदेश
जाने वो कौन सा देश जहाँ तुम चले गए
जहाँ तुम चले गए
इस दिल पे लगा के ठेस जाने वो कौन सा देश
जहाँ तुम चले गए...
एक आह भरी होगी हमने ना सुनी होगी
जाते जाते तुमने आवाज़ तो दी होगी
हर वक्त यही है ग़म, उस वक्त कहां थे हम
कहां तुम चले गए
चिठ॒ठी ना कोई संदेश जाने वो कौन सा देश
जहाँ तुम चले गए जहाँ तुम चले गए
इस दिल पे लगा के ठेस जाने वो कौन सा देश
जहाँ तुम चले गए...
हर चीज़ पे अश्कों से लिखा है तुम्हारा नाम
ये रस्ते घर गलियाँ तुम्हें कर ना सके सलाम
हाय दिल में रह गई बात, जल्दी से छुड़ा कर हाथ
कहां तुम चले गए
चिठ॒ठी ना कोई संदेश जाने वो कौन सा देश
जहाँ तुम चले गए जहाँ तुम चले गए
इस दिल पे लगा के ठेस जाने वो कौन सा देश
जहाँ तुम चले गए...
अब यादों के कांटे इस दिल में चुभते हैं
ना दर्द ठहरता है ना आंसू रुकते हैं
तुम्हें ढूंढ रहा है प्यार, हम कैसे करें इकरार
कहां तुम चले गए
चिठ॒ठी ना कोई संदेश जाने वो कौन सा देश
जहाँ तुम चले गए जहाँ तुम चले गए
इस दिल पे लगा के ठेस जाने वो कौन सा देश
जहाँ तुम चले गए...
हो ss कहाँ तुम चले गए -३
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